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Life as it is...

We forget to take life as it is and instead try to mould life the way we want and feel it should be...

What we do forget is that greater hand above which is always at work and giving us the better and best but in its own time...

We need to remember to have patience and trust for then can we see the true miracles in our everyday life...

And that is,

Ourself :D

Afterall Faith along with Love can move Mountains...

Monday, March 2, 2026

नज़रें धोखा हैं…



नज़रों का मतलब शरीर पे लगी ये दो आँखें यहाँ-वहाँ देखती, नहीं होती।

नज़रें तो वो हैं जो इन आँखों के पीछे रहती हैं,
सोचती और समझती हैं…
किसी ने कुछ कहा तो वो सोच या अपना ली,
पसंद नहीं आया तो ठुकरा दी।
सब अपनी लाइक्स और डिसलाइक्स पे ही निर्भर है।

किसी को अपनी नज़रों से किसी के लिए चाहत दिखती है,
उस किसी को उन्हीं नज़रों में ख़ुद पर आने वाली क़यामत दिखती है,
क़यामत चाहत की नहीं, चाहत से दूर कोसों दूर इज़्ज़त की कमी दिखती है…

कोई कहता है ये सही, कोई कहता है वो सही है,
जनाब यहाँ तो हम ख़ुद नहीं जानते कि हम कितने सही हैं…

किसी ने कह दिया इंसानी पुतले हो, ग़लतियों का समुंदर हो,
हमने भी मान लिया, ख़ुद को समुंदर…
ग़लतियों का या ख़ुराफ़ातों का, वो तो वक़्त ही बताएगा…

शायद वक़्त बताएगा, पर पहले पूछा तो अपनी नज़रों से जाएगा…
कोशिश है रोज़ की, अपनी नज़रों में कम ग़लत होने की,
ग़ैरों की नज़रें उनको मुबारक हों, ये दुनिया पड़ी है उनके लिए,
एक हम ही थोड़ी ना हैं अकेले…

नज़रें धोखा हैं, जब ग़ैरों का ऐतबार करें और ख़ुद से न वफ़ा करें…
फ़रमाबरदार नज़रें भी कोई ख़ास साथ नहीं देतीं…
नज़र बस उसकी हो जिसका सहारा है, यही तो नज़रें हैं,
यही तो नज़रें हैं, जिन्हें देख कर दुनिया में चलते रहने का यक़ीन है,
और ख़ुद की नज़रों को नज़र में रखने का आसरा है…

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